Tuesday, 19 February 2019, 1:09 AM

धर्म कर्म

शिरडी के साईं बाबा क्या कहते हैं अपने भक्तों के बारे में?

Updated on 27 December, 2018, 6:30
शिरडी के साईं बाबा के अनमोल वचन जो उन्होंने विभिन्न अवसरों पर कहे थे। कहते हैं कि जो भी शिरडी के साईं बाबा को दिल से पुकारता है बाबा उसके आसपास होने की अनुभूति दे ही देते हैं। आओ जानते हैं कि साईं बाबा अपने भक्तों के बारे में क्या... आगे पढ़े

बहुत सरल है धनवान बनना, मन की शक्ति से होगी हर कामना पूरी, पढ़ें 5 अत्यंत गुप्त रहस्य

Updated on 27 December, 2018, 6:00
धनवान बनने के ऐसे गुप्त रहस्य जिसे अपनाकर आप भी धनवान बन सकते हैं। ज्योतिष और अन्य माध्यमों को जानकर हम आपके लिए लाए हैं धनवान बनने के 5 ऐसे गुप्त रहस्य जिन्हें अपनाकर आप चमत्कारिक रूप से धनवान बनने की राह पर चल पड़ेंगे। पहला रहस्य   विश्वास करें कि आप अमीर... आगे पढ़े

प्राचीनकाल में संपूर्ण धरती पर इस हिन्दू राजा का था शासन, जानिए सच

Updated on 26 December, 2018, 6:15
हिन्दू धर्म को दुनिया और भारत का सबसे प्राचीन धर्म माना गया है। ऋग्वेद विश्‍व की सबसे प्राचीन धार्मिक पुस्तक है। इस पुस्तक पर आधारित धर्म को पहले वैदिक धर्म कहा जाता था, जो आर्यों का धर्म है। आज इस धर्म के अनुयायियों को हिन्दू कहा जाता है। ऋग्वेद के... आगे पढ़े

क्या सीता की तरह माता लक्ष्मी का भी हरण हो गया था? जानिए पौराणिक कथा

Updated on 26 December, 2018, 6:00
देवासुर संग्राम में देवताओं के पराजित होने के बाद सभी देवगुरु बृहस्पति के पास पहुंचे। इंद्र ने देवगुरु से कहा कि असुरों के कारण हम आत्महत्या करने पर मजबूर है। देवगुरु सभी देवताओं को दत्तात्रेय के पास ले गए। उन्होंने सभी देवताओं को समझाया और फिर से युद्ध करने की... आगे पढ़े

क्रिसमस विशेष : आज भी प्रासंगिक है प्रभु ईसा मसीह की ये 4 खास बातें...

Updated on 24 December, 2018, 6:40
ईसा मसीह के द्वारा प्रतिपादित जीवन मूल्यों में वैसे तो प्रत्येक प्राकृतिक संरचना के लिए प्रेमपूर्ण संबंधों का उल्लेख है, लेकिन चार प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान दिया जाना प्रासंगिक होगा। पहला बिंदु है- जीवन में पूर्ण आस्था। जब तक स्वयं में और प्रकृति में विश्वास नहीं बनता है तब तक अस्तित्व... आगे पढ़े

आप नहीं जानते होंगे प्रभु यीशु का यह पवित्र संदेश

Updated on 24 December, 2018, 6:20
करीब पौने दो हजार साल पहले की बात है। फिलिस्तीन में उन दिनों हिरोदका राज था। सम्राट आगस्ट्स के हुक्म से रोमन जगत की मर्दुमशुमारी हो रही थी। उसमें शामिल होने के लिए यूसुफ नाम का यहूदी बढ़ई नाजरेत नगर से वेथलहम के लिए रवाना हुआ। वहीं पर उसकी पत्नी... आगे पढ़े

सोमवार के दिन करेंगे यह 5 काम तो शिव कृपा से इतना धन आएगा कि दिन बदल जाएंगे

Updated on 24 December, 2018, 6:00
1.सोमवार यानी भगवान शिव का दिन और सोम यानी चंद्रमा का दिन। तो इस दिन सुबह उठकर आप भगवान शिव के दर्शन कर शिव चालीसा या शिवाष्टक का पाठ कर सकते हैं। इससे भगवान शिव जल्दी प्रसन्न होते हैं और आपकी समस्याएं अपने आप हल होती जाती हैं। 2. दांपत्य जीवन... आगे पढ़े

अगले साल शादियों की बम्पर मुहूर्त, 111 दिन होगी शादी  

Updated on 22 December, 2018, 18:15
आठ दिन रहेगा रवि और गुरु पुष्य का संयोग नए साल में शादी करने के इच्छूक लोगों के लिए मुहूर्त नहीं होने की समस्या आडे नहीं आएगी क्योंकि नए साल में शादी के बम्पर मुहूर्त है। नए साल में कुल 111 दिन शादी होगी। इस बार वर्ष 2017 और 2018 के... आगे पढ़े

जब एक वृद्ध महिला ने गांधीजी को दे दी अपनी जीवन भर की जमा पूंजी

Updated on 21 December, 2018, 6:15
गांधीजी चरखा संघ के लिए धन इकट्ठा करने के उद्देश्य से देश भर में भ्रमण कर रहे थे। एक दिन ओडिशा के एक आदिवासी क्षेत्र में उनकी सभा चल रही थी। श्रोताओं के बीच एक वृद्ध महिला भी थी जिसके बाल सफेद हो चुके थे, कपड़े फटे हुए थे और... आगे पढ़े

एक पैसे का हिसाब हुआ गड़बड़ तो रात भर जगकर करता रहा जोड़-घटाव

Updated on 20 December, 2018, 6:45
महाराष्ट्र के प्रसिद्ध संत एकनाथ के गुरु स्वामी जनार्दनजी ने एक दिन उनको आश्रम के हिसाब-किताब की जिम्मेदारी दे दी। गुरुजी के आदेश को गुरु सेवा समझ एकनाथ निष्ठापूर्वक आश्रम के नित्य-प्रतिदिन के काम में लगे रहते थे। उनकी कोशिश रहती थी कि आश्रम के सभी कार्य समयानुसार हो सकें... आगे पढ़े

गीता को यूं ही नहीं कहते माता समान, जानें जीवन में गीता का महत्व

Updated on 20 December, 2018, 6:30
भारतीय संस्कृति में गीता का स्थान सर्वोच्च है। भारतीय साधु-संन्यासियों के अन्तरतम में वीणा की झंकार की तरह गीता के श्लोक झंकृत होते हैं। कथा-प्रवचनों से लेकर घर-घर तक जीवन-सुधार परक उपदेश, नीति-नियमों का जो भी ज्ञान दिया जाता है, उसमें गीता का प्रकाश कहीं न कहीं अवश्य पड़ता है।... आगे पढ़े

जीवन के कुरुक्षेत्र में गोविंद के गीत

Updated on 19 December, 2018, 6:30
मानव-सृष्टि के आदि में परब्रह‍्म भगवान श्रीकृष्ण के मुखारविन्द से नि:सृत ‘अविनाशी योग’ का उपदेश सर्वप्रथम सूर्यदेव को दिया गया। तत्पश्चात सूर्यदेव ने इसे स्वयंभू आदिमनु को दिया। और फिर कालान्तर में भगवान श्रीकृष्ण ने अपने प्रियभक्त गाण्डीवधारी वीर अर्जुन के माध्यम से जगत कल्याण व संसार के बंधन में... आगे पढ़े

समस्त ज्ञान का सार गीता

Updated on 18 December, 2018, 6:30
श्रीमद‍्भगवद‍्गीता गीता वेदों का निचोड़ एवं उपनिषदों का सार है। श्रीकृष्ण रूपी गोपाल उपनिषद रूपी गाय को दुहकर अर्जुन रूपी बछड़े को इसका दुग्धामृत पिलाते हैं, जो हर काल के मनुष्यमात्र के लिए संजीवनी स्वरूप है। हर युग में, हर स्वभाव के सुपात्र व्यक्ति के लिए उपयुक्त ज्ञान एवं संदेश... आगे पढ़े

अश्वत्थामा करते हैं इस मंदिर में पूजा!

Updated on 17 December, 2018, 6:30
उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में यमुना नदी के तट पर स्थित मां काली के मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां महाभारत काल के अमर पात्र अश्वत्थामा अदृश्य रूप में आकर सबसे पहले पूजा करते हैं। कालीवाहन मंदिर के मुख्य महंत राधेश्याम द्विवेदी का कहना है कि वे करीब... आगे पढ़े

‘मेरे पैर उधर घुमा दो, जिधर खुदा का घर न हो’

Updated on 17 December, 2018, 6:15
गुरु नानक घूमते-घूमते मक्का-शरीफ पहुंचे। तब रात हो गई चुकी थी। नानकजी पास ही एक पेड़ के नीचे सो गए। जब सुबह उठे, तब उन्होंने अपने चारों ओर अनेक मुल्लाओं को खड़ा पाया। उनमें से एक ने नानकजी से बड़े गुस्से में पूछा, ‘तुम कौन हो/ जो खुदा पाक के... आगे पढ़े

दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखें पानी की टंकी

Updated on 16 December, 2018, 6:30
कहा जाता है कि जल ही जीवन है। लेकिन, जल जीवन है या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि वह जल है कहां का। गंगा जल है तो यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि इसे किस स्थान से लिया गया है? कानपुर से या गंगोत्री से?... आगे पढ़े

रहस्य मरने तक जीभ रहती है साथ लेकिन इसलिए टूट जाते हैं दांत

Updated on 15 December, 2018, 6:30
‘जड़त्व का नियम’ न्यूटन के तीन महत्वपूर्ण गति-नियमों में से एक है। यह नियम जितना भौतिक जगत पर लागू होता है, उतना ही मानवीय स्वभाव पर भी। जड़त्व का नियम कहता है कि जो चीज जिस अवस्था में है- स्थिर या गतिशील- उसी अवस्था में रहना चाहती है, जब तक... आगे पढ़े

भिक्षु बोला मुझे जान से मारने वाले का उपकार मानूंगा

Updated on 15 December, 2018, 6:15
बुद्ध के संघ का विस्तार हो रहा था। उनसे प्रशिक्षित होकर बहुत सारे भिक्षु धर्म प्रचार करने निकल पड़े थे। सूना प्रांत ऐसा कठोर स्थान था कि वहां जाने को कोई भिक्षु तैयार ही न हो। एक दिन उनके शिष्य पूर्ण ने निवेदन किया कि वह धर्म प्रचार के लिए... आगे पढ़े

आखिर क्यों है मृत्यु का अहसास सबसे बड़ा भय

Updated on 14 December, 2018, 6:30
जब हम सब जमाने से अलग चलते हैं तो जमाना या तो हमें ठोकर मारता है या पुचकार कर उठाता है। दोनों ही सूरत में जमाना हमें संवार-निखारकर हमारी पहचान बनाना चाहता है। बस जब यह प्रक्रिया चल रही होती है, तब नाजुक दिल अक्सर चटक जाते हैं। बहुत वक्त... आगे पढ़े

सुख भोगने वाले संत दे रहे थे वैराग्य का उपदेश फिर क्या हुआ जानें

Updated on 14 December, 2018, 6:15
औरंगाबाद में सोलहवीं शताब्दी में अमृतराय नामक एक संत कवि हुए थे। ‘वैराग्य भाग्या सारखे भाग्य नाहीं’ उनके द्वारा रचित एक पद की लोकप्रिय कड़ी है। एक फकीर को उनका यह पद बड़ा प्रिय था। एक दिन उसके मन में शंका उठी कि क्या इसका रचयिता सचमुच वैरागी होगा? शंका का... आगे पढ़े

एक नहीं बल्कि पांच हैं काशी, पौराणिक और धार्मिक महत्व

Updated on 13 December, 2018, 6:30
सबसे पहले गुप्त काशी, फिर उत्तरकाशी, तीसरे नंबर पर वाराणसी। चौथी है दक्षिण काशी, पांचवी और अंतिम है शिव काशी। ये सभी काशी महादेव शिव को समर्पित हैं। गुप्तकाशी उत्तराखंड राज्य के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है। यह प्रसिद्ध हिंदू तीर्थ केदारनाथ को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़नेवाले रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड के समीप है।... आगे पढ़े

अकबर ने दिया आदेश तानसेन के गाने पर वाह-वाह करने वाले को मौत की सजा

Updated on 13 December, 2018, 6:15
संगीत सम्राट तानसेन अकबर के दरबार दीवान-ए-खास में तानपूरा छेड़ते, आलाप भरते तो बादशाह अकबर वाह-वाह करते रह जाते। यह देख उनके चापलूस दरबारी भी वाह-वाह करने लगे। उनकी चापलूसी भरी वाह-वाही से परेशान होकर अकबर ने बीरबल से इस मर्ज का स्थायी इलाज करने को कहा। सम्राट अकबर के... आगे पढ़े

इन लोगों को नहीं करना चाहिए कपड़ों का दान, तरस जाएंगे नए कपड़ों के लिए

Updated on 11 December, 2018, 6:30
भारतीय संस्कृति में दान का बहुत महत्व है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, दान करने से हमारे संचित पाप कर्मों का नाश होता है। इतना ही नहीं दान करने से कुंडली में खराब स्थिति में बैठकर नकारात्मक फल दे रहे ग्रह भी शुभ फल देने लगते हैं, यह है दान का प्रभाव।... आगे पढ़े

जब शिवाजी ने एक नारी का ऐसे किया था सम्मान

Updated on 10 December, 2018, 6:30
छत्रपति शिवाजी महाराज जितने तलवार के धनी थे उतने ही वह चरित्र के भी धनी थे। अपने चरित्र और तलवार को उन्होंने कभी दागदार नहीं होने दिया। एक बार शिवाजी के वीर सेनापति ने कल्याण का किला जीता। हथियारों के जखीरे के साथ उनके हाथ अकूत संपत्ति भी लगी। एक... आगे पढ़े

नाखून पर है चांद का निशान तो गुडलक नहीं, कुछ है गड़बड़

Updated on 8 December, 2018, 7:00
समुद्र शास्त्र के अनुसार, हमारे शरीर पर बनने वाले निशान और तिल का हमारे जीवन पर बहुत महत्व देता है। जिस प्रकार हमारे शरीर पर बने निशान का हमारे जीवन पर असर पड़ता है उसी प्रकार हमारे नाखून पर भी इसका बहुत असर होता है। समुद्र शास्त्र के अध्य्यन करें... आगे पढ़े

इस बच्चे को मिला थोड़ा सा प्रोत्साहन, कर दुनिया में नाम

Updated on 8 December, 2018, 6:40
शिक्षक ने बालक वाल्टर से कॉपी मांगी। उसने सकुचाते हुए कॉपी शिक्षक के आगे रख दी। आज फिर अधूरा काम देखकर शिक्षक का क्रोध सातवें आसमान पर पहुंच गया। शिक्षक ने कहा, ‘वाल्टर, तुम अपना काम कभी भी पूरा नहीं करते हो। चलो पीछे कोने में जाकर बैठ जाओ। आगे... आगे पढ़े

कितने प्रकार के होते हैं भूत, जानिए रोचक जानकारी

Updated on 8 December, 2018, 6:15
हिन्दू धर्म में गति और कर्म अनुसार मरने वाले लोगों का विभाजन किया है- भूत, प्रेत, पिशाच, कूष्मांडा, ब्रह्मराक्षस, वेताल और क्षेत्रपाल। उक्त सभी के उप भाग भी होते हैं। आयुर्वेद के अनुसार 18 प्रकार के प्रेत होते हैं। भूत सबसे शुरुआती पद है या कहें कि जब कोई आम... आगे पढ़े

दाड़ी और मूंछ के साथ इस मंदिर में विराजमान हैं बालाजी

Updated on 7 December, 2018, 6:45
बालाजी भगवान हनुमान का ही एक रूप हैं। हनुमानजी और बालाजी के कई मंदिर देश और दुनिया में हैं। फिर भी जिन मंदिरों में बालाजी के दर्शन के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं, उनमें सालासर बालाजी का नाम प्रमुख है। सालासर बालाजी राजस्थान के चुरू जिले में स्थित हैं।... आगे पढ़े

इन 5 अंगुठियों को कहते हैं धन दायक, गलती से होता है नुकसान

Updated on 7 December, 2018, 6:30
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जब किसी व्यक्ति की कुंडली में कोई ग्रह खराब स्थिति में या कमजोर स्थिति में होता है तब ज्योतिषी उस ग्रह से संबंधित रत्न की अंगूठी पहनने के लिए कहते हैं। कोई अंगूठी पहनते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि आपको सदैव उसका शुभ... आगे पढ़े

सात दिसंबर गुरु और शुक्र की कृपा प्राप्ति का विशेष दिन

Updated on 6 December, 2018, 6:45
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, देवउठनी एकादशी के बाद से गुरु अस्त चल रहे थे और अब 7 दिसंबर, शुक्रवार को उदित हो रहे हैं। गुरु के उदय होने के साथ ही शुभ कार्यों का आयोजन, विवाह कार्य, ग्रह प्रवेश, नामकरण इत्यादि कार्यक्रम होने शुरू हो जाएंगे। जीवन में हर तरह... आगे पढ़े